राज्य

पुलिस के संरक्षण में संचालित किया जा रहा अवैध जीप स्टैंड का काला कारोबार।

बहराइच ।
अतिक्रमण व यातायात समस्या को लेकर  जहां पिछले कई वर्षों से नगर सहित पूरे जिले की आवाम को निजात नहीं मिल पा रहा है वही कानून की डींगे मारने वालों के रहमों करम पर ही अतिक्रमण व यातायात समस्या की जड़ों में एक अवैध टैक्सी/जीप स्टैंड गुलदस्ता की तरह खिलते नजर आ रहे हैं ।
        रोडवेज सहित नगर के कई क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान मे कई दुकानें ढाबलियाँ उजाड़कर भले ही दुरुस्त यातायात व्यवस्था का डंका पीटा जा रहा हो लेकिन आवाम का यही कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण अभियान में दोहरा चरित्र सामने आने के बाद भी समस्या से निजात ना मिल पाना शर्म की बात है वह बताते हैं कि जब जाम की समस्या से निजात दिलाने के नाम पर रोडवेज स्थित  दुकानों को तोड़कर भले ही  सैकड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया गया हो लेकिन आज भी वहां पर जाम की समस्या पहले से भी ज्यादा बत्तर हो गई है वे यह भी कहते हैं कि बीच सड़क पर परिवहन विभाग की बसों द्वारा मनमाना रुख अख्तियार कर दिन भर में कई चक्रों में जाम लगवाने के बाद भी हमारा जिला प्रशासन वहां पर व्यवस्था सुधारने के लिए दो सिपाहियों की तैनाती तक नहीं करवा पा रहा है जबकि नगर के विभिन्न चौराहे व तिराहे पर प्रशासन की नाक के नीचे ही खुलेआम वाहनों से अवैध उगाही कर व्यवस्था की जिम्मेदारी में लगाए गए लोगों द्वारा ही व्यवस्था को बिगाड़ने में ही सहयोग किया जा रहा है यही नहीं यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने में सबसे बड़ा रोल अदा करने वाले अवैध टैक्सी स्टैंड/ जीप स्टैंड द्वारा भले ही अपराध की छाती पर चढ़कर खुलेआम कानून को रौंदा जा रहा हो बावजूद हमारे कानून के हुक्मरान जनहित की ऐसी जटिल समस्याओं पर चुप्पी साधे बैठे हुए हैं जबकि बताया यही जाता है कि रोडवेज की आधा किलो मीटर की परिधि में कोई भी टैक्सी जीप स्टैंड संचालित नहीं होना चाहिए बावजूद नगर पालिका का महसी जीप स्टैंड रोडवेज स्थित टैक्सी स्टैंड सहित खैरा ,बौण्डी, जरवल, कैसरगंज,फखरपुर आदि के स्टैंडों का संचालन 20 से 250 मीटर की परिधि में होने के बाद भी कानून का डंडा चारों खाने चित नजर आ रहा है। जबकि नगर के डिगिहा व महसी टैक्सी स्टैंड के अवैध संचालन को लेकर उसके खिलाफ कई बार आवाज उठने के बाद भी प्रशासन ऐसे मामले में कोई कार्यवाही ना कर गरीबों की रोजी रोटी को उजाड़ना ज्यादा उचित समझ रहा है सनद रहे कि उक्त समस्याओ को लेकर जहाँ शिक्षक शीतला प्रसाद शुक्ला के द्वारा लम्बा अभियान चलाये जाने के बावजूद मामले मे कोई रंग नही 
आ सका वही डिगिहा  टैक्सी स्टैंड से अवैध रूप से उगाही कर संचालित कारवाई  जा रही जीपो/ मार्शलों द्वारा रोटरी क्लब, अग्रसेन चौक हजरत मौलाना अजमल शाह की मजार, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर पुलिस की नाक के नीचे घूम-घूमकर सवारियां भरने के बाद भी हो रहे अपराध पर किसी की ‘काउंटर’ करने की हिम्मत  तक नहीं हो पा रही है जबकि रजिस्ट्रार चिट  एंड  सोसाइटी फैजाबाद द्वारा आरटीआई की सूचना में यह बताया गया है कि कोई भी रजिस्टर्ड सोसाइटी को किसी भी प्रकार की वसूली का अधिकार नहीं है बावजूद उक्त  जगहों पर खुलेआम रंगदारी की जा रही है हालांकि नगर के ही कलीम मंजूर, हरि दर्शन, सतीश, अमित, रुखसाना, सुनीता, गफ्फार, रईस ,अनीस, बबलू ,जरीना ,गुड्डू, सुषमा, नेहा व खुर्शीद सहित सैकड़ों लोगों का यही कहना है कि उक्त सभी अवैध टैक्सी व जीप स्टैंड का काला कारोबार पुलिस की संरक्षण में ही किया जा रहा है ।
जबकि उक्त संदर्भ में जब सिटी मजिस्ट्रेट प्रमिल कुमार सिंह से बात करने की कोशिश की गई तो बेल जाने के बाद भी उनका सेल फोन नहीं उठा  और जब उक्त समस्या को लेकर सीओ सिटी से बात की गई तो उन्होंने कहा समय-समय पर ऐसे लोगों पर कार्यवाही तो की जाती है लेकिन मौका पाते ही वह पुनः अपनी जड़ें जमा लेते हैं और ज्यादा जानकारी के लिए उन्होंने एआरटीओ से बात करने की बात कही जिन्होंने पूछने पर बताया कि  ऐसे संचालन के लिए स्थलों को निर्धारित करना नगर पालिका परिषद का काम है जिससे उन स्थलों की नीलामी कर राजस्व का भी लाभ हो सके उन्होंने अंबेडकरनगर का हवाला देते हुए कहा कि यहां पर स्टैंडों के माध्यम से ही प्रत्येक वर्ष करोड़ों का राजस्व प्राप्त हो रहा है और तो और ईओ नगर पालिका परिषद से जानकारी लेने पर यहां तक कहा गया कि ऐसे मामले हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं ऐसे अधिकारों को लेने के लिए उन्होंने बोर्ड में प्रस्ताव रखने की बात कही अब जब जनहित के मामलों में ही कार्यवाही को लेकर जब जिम्मेदार अधिकारियों में ही मतभेद है तो ऐसे में बहराइच की कानून व्यवस्था कितनी दुरुस्त होगी इसका अंदाजा स्वतः ही लगाया जा सकता है।
सरफ़राज़ आलम
के24 न्यूज़
जिला बहराइच

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