छत्तीसगढ़राज्य

कुछ ही दिन बाकी है धान खरीदी, कड़ी नजर रखने निर्देश

गरियाबंद
कलेक्टर श्याम धावड़े नेकलेक्टोरेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक में उनके काम-काज की समीक्षा की और लंबित प्रकरणों को समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यो पर विशेष ध्यान देवें। कलेक्टर ने पंजीकृत किसान के ऋण पुस्तिका में किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा धान बेचने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिये। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और वन अधिकार पट्टा के लंबित प्रकरण 28 फरवरी तक पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गरियाबंद जिला की स्थिति किसान सम्मान निधि के संबंध में प्रदेश में अव्वल नंबर पर है। इसे आगे भी कायम रखते हुए पात्रता रखने वाले शत् प्रतिशत किसानों को लाभान्वित किया जाए।

कलेक्टर ने किसान सम्मान निधि योजना की तहसीलवार समीक्षा करते हुए 28 फरवरी तक लंबित प्रकरण निराकृत कर तहसीलदारों को पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार वन अधिकार पट्टा के संबंध में सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को 28 फरवरी तक तहसीलों से जानकारी प्राप्त कर प्रतिदिन का प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा। कलेक्टर ने किसान सम्मान निधि हेतु जिले के सभी पंजीकृत किसानों का के.सी.सी. बनाने सहायक पंजीयक सहकारी समिति को निर्देशित किया। उन्होंने निष्क्रीय के.सी.सी. को सक्रिय करने भी कहा। किसानों का के.सी.सी. कैम्प गांवों में नवनिर्मित गौठानों में आयोजित किया जाए। धान खरीदी की समीक्षा के तहत खाद्य अधिकारी ने अवगत कराया कि जिले में अब तक 29 लाख क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। कलेक्टर ने इस दौरान राजस्व अधिकारियों द्वारा अवैध धान की बिक्री पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से असंतोष व्यक्त करते हुए राजस्व अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को धान खरीदी की अंतिम चार दिवस में पूरे राजस्व अमले को उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी व्यवस्था के निरीक्षण में लगाने के कड़े निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन अंतिम दिनों में किसी भी पंजीकृत किसानों के रकबा में किसी अवांछित व्यक्ति/कोचिया का धान बिक्री नहीं होना चाहिए, राजस्व अधिकारी इस पर विशेष ध्यान देंवे। उन्होंने कहा कि जिले के कोई भी पंजीकृत किसान अपना ऋण पुस्तिका धान बेचने हेतु किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं देंगे। यदि पंजीकृत किसान के ऋण पुस्तिका में अवांछित व्यक्ति/कोचिया द्वारा उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने पर संबंधित किसान के विरूद्ध सीधे एफ.आई.आर. दर्ज होगी।

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