मध्य प्रदेशराज्य

प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों के 97% शिक्षक एम-शिक्षा मित्र पर ऑनलाइन नहीं

भोपाल
प्रदेश भर में हजारों शिक्षक ऐसे हैं जो नियमित और समय पर स्कूल नहीं जाते हैं। ऐसे में पढ़ाई व्यवस्था को दुरूस्त कर शिक्षकों की उपस्थिति का पता करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एम- शिक्षा मित्र एप लागू किया था। लेकिन शिक्षकों के विरोध के चलते ये पूरी तरीके से अब तक अमल मे नहीं आ पाया। अब कोरोना के बहाने शिक्षकों को इसपर उपस्थिति दर्ज करने से राहत मिली है। पिछले साल सरकार ने शिक्षकों को मनचाही स्थान पर ट्रांसफर के लिए एम शिक्षा मित्र एप के जरिए आवेदन करने के  आदेश दिए तो यूजर्स की संख्या पौने तीन लाख पंहुच गई थी।

कोरोना का संक्रमण कम होने के बीच सरकार ने छह महीने बाद सभी सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की सौ फीसदी उपस्थिति के आदेश दिए हैं। नौवीं से बारहवीं तक के स्कूलों में छात्रों को स्वैच्छिक रूप से अपने शिक्षकों के पास सवालों का उत्तर जानने के लिए आने की मंजूरी दी गई है। स्कूलों में शिक्षकों को भी रोज आने के आदेश दिए गए हैं। लेकिन प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों के 97 फीसदी शिक्षक एम-शिक्षा मित्र एप पर दर्ज नहीं कर रहे हैं। हालांकि शिक्षकों का तर्क है कि एप पर उपस्थिति को लेकर विभाग ने अभी कोई आदेश नहीं दिया है। मंगलवार की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश भर के 99126 स्कूलों में से महज 3.31 फीसदी(3286) उपस्थिति ही दर्ज की गई है।

  • एप डाउनलोड करने के लिए कुल कर्मचारी-3,34,346
  • मोबाइल नंबर अपडेट करने वाले कर्मचारी-3,04,165
  • एप डाउनलोड कर उपयोग करने वाले-2,71,851
  • एसएमएस का उपयोग करने वाले-87,159

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