कैबिनेट बैठक: अठारह वर्ष तक के बच्चों को अपने पैरो पर खड़ा करने बाल आशीर्वाद योजना प्रारंभ

भोपाल
अठारह वर्ष तक के बच्चों को अपने पैरो पर खड़ा करने राज्य सरकार मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना प्रारंभ करेगी वहीं मुख्यमंत्री महिलाओ के सशक्तिकरण के लिए नारी सम्मान कोष की स्थापना तथा मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना भी प्रारंभ की जाएगी। इन सभी प्रस्तावों पर आज कैबिनेट में चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में आज महिला बाल विकास के अंतर्गत दो प्रमुख प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसमें महिला वित्त एवं विकास निगम का सुदृढ़ीकरण करने के लिए मुख्यमंत्री नारी सम्मान कोष स्थापित करने और मुख्यमंत्री उद्यम शक्ति योजना शुरू करने पर विचार किया गया। इस योजना में महिला उद्यमियों के साथ ग्रामीण और शहरी महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए कर्ज लेने पर दो प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। इसके साथ ही क्षमता विकास, उत्पाद के प्रचार प्रसार के लिए भी कर्ज दिलाया जाएगा। यह कर्ज महिला स्वसहायता समूहों को तीन साल में छह बराबर किस्तों में लौटाना होगा।

योजना के तहत भोपाल और इंदौर के औद्योगिक क्षेत्रों में महिला उद्यमियों को प्राथमिकता के आधार पर भूखंड देने पर भी विचार किया गया। महिला वित्त एवं विकास निगम के तहत परियोजना प्रकोष्ठ गठित कर योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। नारी सम्मान कोष से उन्हीं प्रस्तावों को स्वीकृत किया जाएगा जो परियोजना प्रबंधन इकाईयों द्वारा तैयार करके विभाग के माध्यम से प्रेषित की जाएंगी।योजना के क्रियान्वयन के लिए शहरी और ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाईयों पीएमयू का गठन होगा।

आत्मनिर्भर बनेंगे बच्चे
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना पर भी चर्चा की गई। इस योजना के तहत अठारह वर्ष तक की उम्र के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद की जाएगी। उनकी पढ़ाई, उनकी इंटर्नशिप और जॉब आधारित प्रशिक्षण कोर्स शुरु किए जाएंगे। इसके अलावा सहकारी बैंको के जरिए किसानों का वर्ष 22-23 में भी शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि कृषि ऋण दिए जाने की योजना निरंतर जारी रखने पर भी चर्चा की गई।

नई सहकारिता नीति का भी अनुमोदन
नई सहकारिता नीति 2022 का अनुमोदन भी कैबिनेट से कराया गया। इसके तहत नये क्षेत्रों में सहकारी संघ गठित कर गतिविधियां शुरु की जाना है। मध्यप्रदेश असंगठित शहरी और ग्रामीण कर्मकार कल्याण मंडल हेतु प्रशासनिक ढांचा स्वीकृत किए जाने पर चर्चा की गई। जलसंसाधन विभाग के अधीन पेंच व्यपवर्तन परियोजना की चतुर्थ पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति देने पर भी चर्चा हुई। गृह विभाग के अंतर्गत उच्च न्यायालय जबलपुर खंडपीठ ग्वालियर और इंदौर में कर्मचारियों द्वारा अधिक भुगतान की वसूली सेवारत , सेवानिवृत्ति उपरांत देय स्वत्वों से वसूल की गई ब्याज की राशि को वापस करने के संबंध में दायर याचिकाओं में न्यायालय के निर्णय के अनुरूप कार्यवाही करने पर भी चर्चा की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *