जम्मू-कश्मीर में इस साल नहीं होंगे विधानसभा चुनाव? वोटर लिस्ट जारी करने की तारीख बढ़ी

 श्रीनगर।
 
अनुच्छेद-370 की समाप्ती के बाद जम्मू-कश्मीर को अपने पहले विधानसभा चुनाव का इंतजार है। इसमें अभी और देरी के आसार दिखने लगे हैं। जम्मू-कश्मीर के चुनाव आयोग कार्यालय ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन में एक और महीने की देरी कर दी है। इससे पहले, भारत के चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर के चुनाव कार्यालय को 25 अक्टूबर तक अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। इसे चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले की एक अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में देखा जाता है।

जम्मू-कश्मीर के चुनाव कार्यालय ने कहा है कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन अब 25 नवंबर को प्रकाशित किया जाएगा। इससे पहले, चुनाव आयोग ने अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को पूरा करने के लिए कहा था और कहा था कि मसौदा सूची 31 अगस्त तक तैयार की जानी चाहिए और अंतिम प्रकाशन 25 अक्टूबर तक किया जाना चाहिए। परिसीमन आयोग ने मई में सरकार को अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी जिसे स्वीकार कर लिया गया था। आयोग को जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35-ए के निरसन के बाद लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों को फिर से तैयार करने का काम सौंपा गया था।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही कहा था कि नए परिसीमन के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे। यहां तक ​​कि जम्मू में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि जल्द ही जम्मू-कश्मीर में चुनाव होंगे। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव की तारीखों की घोषणा भारत का चुनाव आयोग करेगा। यहां तक ​​कि मुख्यधारा के राजनीतिक दलों ने भी पूरे केंद्र शासित प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं की रैलियां और बैठकें कर आगामी चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है।

चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है। केंद्र ने संकेत दिया था कि विधानसभा के लिए चुनाव इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में हो सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि 25 नवंबर को चुनाव का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इस साल सर्दियों के कारण और दिसंबर में जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बर्फबारी की संभावना के कारण चुनाव होने की बहुत कम संभावना है।

 

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