जुलाई में खुदरा महंगाई दर घटी, जून के मुकाबले आई इतनी कमी

नई दिल्ली
जून में यह आंकड़ा 7.01 फीसदी था। इससे पहले फरवरी में खुदरा महंगाई 6.07 फीसदी की दर से बढ़ी थी।

देश में महंगाई और बेरोजगारी के गरमाते मुद्दे के बीच बड़ी खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि जुलाई में खुदरा महंगाई दर घट गई है। बीते महीने खुदरा महंगाई दर घटकर 6.71 फीसदी रह गई है। यह बीते पांच महीनों में सबसे कम है। जून में यह आंकड़ा 7.01 फीसदी था। इससे पहले फरवरी में खुदरा महंगाई 6.07 फीसदी की दर से बढ़ी थी।

आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2021 में खुदरा महंगाई दर 5.59 फीसदी थी। हालांकि, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर की उच्च सीमा 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है। यह पिछले सात महीने से छह फीसदी से ज्यादा है। चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीने में खुदरा मुद्रास्फीति 7.0 फीसदी से ऊपर रही है।

उम्मीद के मुताबिक आई गिरावट
इससे पहले उम्मीद भी जताई गई थी कि जुलाई महीने में खुदरा महंगाई की दर 6.65 फीसदी पर रह सकती है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट और ईंधन पर टैक्स में कमी से महंगाई घटने के आसार जताए गए थे। बार्कलेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जून में 7.01 फीसदी के मुकाबले जुलाई में 0.36 फीसदी की कमी आ सकती है। इससे पहले अप्रैल में खुदरा महंगाई की दर 8 साल के ऊपरी स्तर 7.79 फीसदी पर पहुंच गई थी।

मार्च तक घटकर 5 फीसदी पर आएगी
लगातार बढ़ रही खुदरा महंगाई अगले साल मार्च तक दो फीसदी घटकर पांच फीसदी के स्तर पर आ सकती है। एसबीआई ने रिपोर्ट में कहा गया कि देश में खुदरा महंगाई दर लगातार छठे महीने छह फीसदी से ऊपर रही है। हालांकि, पिछले तीन महीने में सरकार और आरबीआई की ओर से उठाए गए कदमों से महंगाई के मोर्चे पर थोड़ी राहत मिली है। इन कदमों में पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती, खाद्य निर्यात पर प्रतिबंध शामिल हैं।

जून में औद्योगिक उत्पादन 12.3 फीसदी बढ़ा
देश के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में जून 2022 के दौरान 12.3 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से शुक्रवार को जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के मुताबिक, जून के महीने में औद्योगिक उत्पादन 12.3 फीसदी बढ़ गया। एक साल पहले जून 2021 के दौरान आईआईपी में 13.8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं, जून 2022 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 12.5 फीसदी, खनन उत्पादन 7.5 फीसदी और बिजली उत्पादन 16.4 फीसदी बढ़ा। प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस तरह चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान आईआईपी 12.7 प्रतिशत बढ़ा है।

देश का निर्यात जुलाई में 36.27 अरब डॉलर रहा
देश का निर्यात जुलाई में 2.14 फीसदी बढ़कर 36.27 अरब डॉलर रहा। वहीं, व्यापार घाटा इसी महीने में लगभग तीन गुना होकर 30 अरब डॉलर पहुंच गया। आंकड़ों के अनुसार आयात जुलाई महीने में सालाना आधार पर 43.61 प्रतिशत बढ़कर 66.27 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा जुलाई 2021 में 10.63 अरब डॉलर था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *