दलित छात्र ने शिक्षक के मटके से पिया पानी, पिटाई से बच्चे की मौत, मौत के बाद तनाव, इंटरनेट सेवा बंद

जालौर
स्वतंत्रता के 75 साल हो जाने पर जबकि भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, ऐसे में राजस्थान से जातिवादी उत्पीड़न का एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। जालौर के एक स्कूल में शिक्षक ने तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक दलित छात्र को बिना किसी कारण के जातिवादी पूर्वाग्रह के कारण इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। मामली जालौर के एक निजी स्कूल का बताया जा रहा है।

पुलिस की दी गई शिकायत में मृतक बच्चे के पिता देवाराम ने कहा है कि 20 जुलाई को मेरे बच्चे ने पानी के एक बर्तन को छुआ था, जिससे उसके शिक्षक छैल सिंह भड़क गए, जिसने उसे इतनी बुरी तरह से पीटा कि उसकी हालत गंभीर हो गई। राजस्थान पत्रिका को जालौर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि मामले में 13 अगस्त को एफआईआर कर ली गई है। अग्रवाल ने बताया कि शिक्षक पर हत्या और एससी एक्ट दोनों के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।

जातिवादी उत्पीड़न का आरोप
पिता ने आरोप लगाया है कि "जातिवाद के नाम पर मेरे बेटे को स्कूल में पीटा गया। पिटाई के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, इसलिए हम उसे जालोर जिला अस्पताल ले गए। वहां से उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया। वहां उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ, हमने कुछ दिनों बाद उसे अहमदाबाद ले गए। शनिवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।" आरोप है कि शिक्षक छैल सिंह बच्चे के पानी का बर्तन छूने से आक्रोशित थे। जालौर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने पत्रिका को बताया कि बच्चे के माता-पिता ने पहले फोन पर जानकारी दी थी, लेकिन इलाज कराने बाहर गए हुए थे। इसलिए एफआईआर 13 अगस्त को ही हुई है। अग्रवाल ने बताया कि शिक्षक से पिटाई की ये घटना स्कूल के अंदर ही हुई है।

पिटाई के दौरान बच्चे की नस फट गई
प्रारंभिक रिपोर्ट में ये पता चला है कि पिटाई के दौरान बच्चे के कान की नस फट गई थी। घटना जालोर जिले के सुराणा गांव की है। बच्चे की मौत के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक चैल सिंह को हिरासत में ले लिया। बच्चा सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ रहा था। मामले की जांच के लिए मुख्य प्रखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा जांच कमेटी का गठन किया गया है। जालौर के एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि आईपीसी और एससी और एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इंटरनेट सेवाएं बंद
बता दें , दलित छात्र की मौत से जालोर में तनाव है और 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने पत्रिका से बातचीत में इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की पुष्टि की है। वहीं राजस्थान सरकार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही है।

मुख्यमंत्री ने किया मदद का ऐलान

इस मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है- जालौर के सायला थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल में शिक्षक द्वारा मारपीट के कारण छात्र की मृत्यु दुखद है। आरोपी शिक्षक के विरुद्ध हत्या व SC/ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जा चुकी है। मामले की तेजी से जांच और दोषी को जल्द सजा के लिए इस प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में लिया गया है। पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलवाना सुनिश्चित किया जाएगा।

भीम आर्मी ने उठाया आजादी पर सवाल
पर ये मामला इतने जल्दी शांत होते नहीं दिखता। दरअसल ये मामला इतना बड़ा है कि एक आर्थिक सहायता से शांत तो नहीं होने वाला है। राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी का दौर पहले ही शुरू हो चुका है। दलित नेता और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने इस बारे में ट्वीट कर कहा है- देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। वहीं दूसरी तरफ पानी के मटके को छूने पर इतना पीटा गया कि जान ही चली गयी। आजादी के 75 साल बाद भी 9 साल के दलित बच्चे को जालोर मे जातिवाद का शिकार होना पड़ा। हमें पानी के मटके को छूने की भी आजादी नहीं, फिर क्यों आजादी का झूठा ढिंढोरा पीट रहे हैं?

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